PDF ka full form क्या है? पीडीएफ क्या होता है?

जो लोग विभिन्न कार्यालयों में काम करते हैं चाहे वह सरकारी हो या निजी या कोई “एमएनसी” कंपनियां वे अच्छी तरह से जानती हैं कि पीडीएफ क्या है और PDF ka full form क्या है।

क्योंकि वे लगभग हर दिन इस तकनीक से इंटरैक्ट कर रहे होते हैं। इसके अलाबा, आज ज्यादातर स्कुल और कलेज के छात्रो के लिए कई तरह के प्रोजेक्ट होते हैं जिन्है इस फॉर्मेट में जमा करने होते है।

हलांकी ये कोई नया तकनिक नही। यह तकनीक डेवलप हुये विश साल से उपर हो चुके।

लेकिन, बहुत से लोगों को यह पता नहीं है कि स्थायी दस्तावेज़ के रूप में वे हमेशा जिन कागजो का इस्तमाल सरकरी या निजी दफतरो मे करते है वे दरसल पीडीएफ फाइल का एक प्रिन्टेड कापी है,

जोकि अनलाईन से डाउनलोड किया गया एक इलेक्ट्रोनिक डकोमेन्ट है।

हलांकी, इनके अलाबा भी कई प्रकार के PDF फरमेट होते है जिनके बारे मे आगे आप अथिक विस्तार से जानेंगे।इस लेख मे में पीडीएफ क्या है, वे किस काम आता है, इनका इस्तेमाल कोन और क्यो करता हे।

इसके अलाबा PDF ka full form क्या है, वे कितने प्रकार के होते है और कैसे आप इसे बना सकत है इन सभी सबालो का जबाव देने कि कोशिश करुगां।तो, मेरे साथ बने रहे और इस लेख को पुरा पडे ताकी इससे संबंधित हर बारिक जानकारी आपपको मिल सके।

पीडीएफ क्या है?

यह एक प्रकार की इलेक्ट्रोनिक फ़ाइल है जिसे Adobe नामक कंपनी द्वारा विकसित किया गया है।

इसे किसी एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर, हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के उपीयोग किए बिना भी देखा और पढा जा सकता है। लेकिन, इसके लिए आपको एक पीडीएफ रिडर की अबश्कता होगी।

PDF ka full form kya hai

इसमे टेक्स्ट, इमेज, और फॉर्म के अलाबा कई अन्य मल्टीमीडिया तत्वो जैसे नेविगेशन बटन, अडिउ या वीडियो को ट्रिगर करने बाले बटन आदि शामिल हो सकते हैं।

इसे Adobe Acrobat या किसी अन्य similar प्रोग्रामिंग के साथ बनाया, देखा और मुद्रित किया जा सकता है। इसका उपयोग ऑनलाइन के माध्यम से दस्तावेज़ो की वितरण के लिए किया जाता है और इसे डाउनलोड भी किया जा सकता है।

इसका उपीयोग अक्सर डिजिटल फॉर्म बनाने के लिए किया जाता है। इसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है और भविष्य में दस्तावेजों के रूप में इसका उपीयोग किया जा सकता है।

इसे इंटरनेट कनेक्शन वाले किसी भी कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। इसे मुख्य दस्तावेज़ो के रूप में भी संरक्षित किया जा सकता है।

PDF ka full form क्या है?

यह वास्तव में एक संक्षिप्त नाम है, इसका पुरा नाम ‘Portable Document Format’ है और अब यह इलेक्ट्रोनिक दस्तावेजों के रुप मे International Organization for Standardization (ISO) 32000 के तहत मान्यता प्राप्त है।

हलांकी, इस तकनीक के उभरने से पहले, एक मशीन पर पेज के लेआउट बनाया जा सकता था लेकिन अनुकूलता के कारण इसे दूसरी मशीन पर नहीं देखा जा सकता था।

लेकिन अब इस फॉर्मेट के आने से दस्तावेजे किसी को भी आसानी से भेजा जा सकता है और बिना किसी फॉर्मेटिंग के उन्हें देखा और प्रिंट किया जा सकता है।

PDF file formats को विकसित किसने किया?

पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट (पीडीएफ) एडोब द्वारा विकसित किया गया एक फाइल फॉर्मेट है, जिसके द्बारा टेक्स्ट, इमेज, ऑडियो और वीडियो सहित किसी भी दस्तावेजो को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ो में परिवर्तित किया जा सकता है।

इस फरमेट को 1991 में, Adobe के सह-संस्थापक Dr. John Warnock के द्बारा “The Camelot Project” के नाम से एक पेपर-टू-डिजिटल क्रांति के रुप मे शुरूबात की जोकि 1993 तक एक लोकप्रिय फॉर्मेट बन गया।

इस Project के पिछे उनका लक्ष्य एक ऐसा फॉर्मेट डेबलप करना था जो किसी भी एप्लिकेशन से दस्तावेज़ों को कैप्चर कर उन्है इलेक्ट्रॉनिक संस्करणो मे परिवर्तित किया जा सके,उन्हें कही भी भेजा जा सके और उन्हें किसी भी मशीन पर देखा या प्रिंट किया जा सके।

पीडीएफ का उपयोग क्या है?

हर व्यवसाय या उद्योग चाहे बडा हो या छुटा आपने जरुरतो के आधार पर रोजाना विभिन्न प्रकार की फाइलें बनाते और आपने क्लाईन्ट को भेजते हैं।

और ज्यादातर मामलों में, ये इन जानकारीयो को निजी रखना चाहते है, जिसके कारण हर व्यवसाय उनकी गोपणीएता और सामग्री को सुरक्षित रखने पर ज्यादा जोड देते है।

और इसी लिए ज्यादातर पेशेवर लोग पोर्टेबल दस्तावेज़ का उपयोग करते है। और अपने ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित बनाए रखने में विश्वास रखते हैं।

पीडीएफ का उपयोग करने के क्या फायदे हैं?

इसे इस्तेमाल करने के कई महत्वपूर्ण फायदे है जिसके चलते इसे इतना लोकप्रिय बना दिया है। निचे इसके उपयोग करने के कुछ फाएदे दिए गए है:

  • पोर्टेबिलिटी: Adobe Acrobat Reader जैसे फ्री टूल्स की मदद से इसे कहीं भी और किसी भी डिवाइस पर आसानी से पढ़ा जा सकता है।
  • कॉम्पैक्ट: किसी भी दस्तावेज़ को पूरी गुणवत्ता के साथ फाइल में परिवर्तन किया जा सकता है, साथ ही स्प्रेडशीट, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड दस्तावेज़, फोटोग्राफ जैसे कई अन्य दस्तावेज़ों को इसके साथ मर्ज किया जा सकता है।
  • खोज योग्यता: उपयोगकर्ता एडोब रीडर टुल के माध्यम से इन फाइलो को पढने के साथ-साथ इसमे शामिल सामग्री तक सर्च के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसे व्यवस्थित किया जा सकता है और सभी संबंधित पृष्ठों से लिंक भी किया जा सकता है।
  • दर्शनीयता: इस फॉर्मेट को आसानी से वेब पर अपलोड किया जा सकता हैं, और इसे अधिकांश आधुनिक वेब ब्राउज़रों पर एक्सेस किया जा सकता है।
  • अन्तरक्रियाशीलता: इसमे हाइपरलिंक्स अटैचमेंट्स के साथ-साथ म्यूजिक, मूवीज और कई अन्य टेक्स्ट नोट्स भी जोड़ा जा सकता है। जोकि विजिटरस के लिए एक आकर्षन पैदा करता है।
  • सुरक्षा: यह स्वामित्व का दावा करने के लिए अपने दस्तावेज़ों में वॉटरमार्क या ब्रांड लोगो लगाने की सुबिधा प्रदान करता है।
  • पासवर्ड संरक्षण: इन फाइलों का उपयोग करने के सबसे बडा फाएदा यह है कि जरुरी दस्तावेजों को पासवर्ड सुरक्षा के साथ रखा जा सकता है जो दस्तावेज़ो को अधिक सुरक्षित बनाता है।
  • एनालिटिक्स: इन फाइलों का विश्लेषण भी किया जा सकता है और ये पता किया जा सकता है की फाइल को कौन एक्सेस कर रहा है। अगर कोई पासवर्ड को लेकर छेडखानि करने कि कौशिश करता है तो उचित कार्रवाई की जा सकती है।

आखिर मे, जब बात मूल्यवान जानकारी की सुरक्षा की हो, तो अपनी फ़ाइलों को सुरक्षित करने के लिए इस फरमेट का उपयोग करना एक सठीक विचार हो सकता है।

पीडीएफ कितने प्रकार के होते है?

आईएसओ, अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन (आईएसओ )के अनुसार, वे मुख्यत 6 प्रकार के होते है और वे निचे दिए गए कुछ इस प्रकार हैं:

1. Normal – type: इसका उपयोग आमतौर पर फाइलों को ऑनलाइन साझा करने और देखने के लिए सामान्य कार्यालय के काम के उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

2. A – type: यह उन लोगों के लिए आदर्श है जिन्हें अपनी फाइलों को लंबे समय तक स्टोर करने की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, रिकॉर्ड उन्हें बनाए रखता है या संग्रह करता है।

3. E – type: इसमे ड्राइंग, मल्टीमीडिया आदि जैसी बड़ी विशेषताएं शामिल हैं। मूल रूप से यह इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए इंजीनियरिंग की जरूरतों और निर्माण कार्यों को हल करने के साथ-साथ निर्माण क्षेत्र में शामिल लोगों के लिए उपयोगी है।

4. X – type: ये उन लोगों के लिए उपयोगी है जो फॉन्ट एम्बेडिंग, कलर प्रोफाइल, इमेज आदि को बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं। यह प्रिंट विशेषज्ञों और ग्राफिक डिजाइनरों के लिए आदर्श है।

5. VT – type: यह पीडीएफ/एक्स की तरह ही काम करता है। लेकिन इसमें अनुकूलन के लिए कुछ अतिरिक्त सुविधाएं हैं। यह प्रिंट पेशेवरो के उन्नत कार्यों के लिए उपयुक्त है।

6. UA – type: ‘यूए’ से मतलब हे यूनिवर्सल एक्सेस और इसे उपयोगकर्ताओं की पठनीयता में सुधार करने और बेहतर नेविगेट करने के लिए प्रौद्योगिकियों द्वारा उपयोग किया जाता है।

PDF कैसे बनाया जाता है?

इन फाइलो को कई अलग- अलग तरीको से बनाए जा सकता हैं। लेकिन, सबसे आसान और लोकप्रिय तरिका है Adobe Acrobat का उपयोग करना है।

इसके साथ, आप Microsoft Word, Excel, PowerPoint, और छवियों सहित विभिन्न प्रकार के दस्तावेज़ों को एक इन फाइलो में परिवर्तित कर सकते हैं। इसके अलाबा आप चाहे तो, प्रिंटर ड्राइवर के उपीयोग से भी एक इन फाइलो को बना सकते हैं।

ये ड्राइवर भी बिलकुल उसी तरह काम करता है जिस तरह एक आम प्रिंटर कर सकता है। लेकिन इसमे अंतर बस इतना है कि वे कागज पर प्रिंट करने के बजाय, एक पीडीएफ फाइल बनाता है।

आप चाहे तो, किसी वेबपैज का एक PDF फाईल बना सकते है याफिर HTML कोड का उपीयोग करके भी इसे बनाया जा सकत है। इसके अलाबा,आप स्कैनिंग के जरिए भी किसी दस्तावेज़ को इन फाईलो मे बदल सकते है।

अगर आपको किसी मौजूदा दस्तावेज़ो से इस तरह की फाईल बनाने की आवश्यकता है, लेकिन आपके कंप्यूटर सिस्टम में Adobe Acrobat install नहीं है, तो ऑनलाइन पर कई ऐसी निःशुल्क टूल उपलब्ध हैं जिनके द्बारा आप अपना दस्तावेज़ अपलोड कर सकते है और फिर उसे इन फाईलो मे बदल सकते हैं।

आप चाहे तो आपने लिए एक पसनदिता टेम्प्लेट चुन सकते हैं, और फिर इस तरह की एक अनूठी फाइल बनाने के लिए अपनी खुद की कन्टेट और छवियां इनमे जोड़ सकते हैं।

इसके अलाबा, आप माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के साथ भी इन फाइलों का निर्माण कर सकते हैं।

PC पर पीडीएफ फाइल कैसे खोलें?

अगर आप एक पीसी (पर्सनल कंप्यूटर) का उपयोग कर रहे हैं और एक पीसी पर इन फाईलो को खोलना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने अपने कंप्यूटर पर एक पीडीएफ रीडर टूल स्थापित किया हुया है। हालाँकि, अधिकांश कंप्यूटरों में आजकल एक पूर्व-स्थापित रीडर शामिल होता है, जैसे कि Adobe Acrobat Reader

लेकिन अगर आपके सिस्टम में यह सुबिधा पहले से उपलब्ध नही है , तो आपको इसे इंटरनेट से मुफ्त में डाउनलोड करने होंगे।

एक बार यह इंस्टॉल हो जाने के बाद, आप इस पर अपनी फाइल खोल सकते हैं।फ़ाइल खुल जाने के बाद आप उनमें शामिल सभी तत्वो को ब्राउज़ कर सकते हैं और आपने अनुसार इनका उनका उपियोग कर सकते है।

Mobile पर पीडीएफ कैसे ओपन करें?

किसी भी मोबाइल डिवाइस पर इसे खोलने के लिए, पहले आपको अपने डिवाइस पर एक रीडर ऐप इंस्टॉल करने होंगे। एंड्रॉइड, आईओएस और विंडोज मोबाइल के लिए मुफ्त मे ऐसी कई अलग-अलग रीडर ऐप उपलब्ध हैं।

ऐप इंस्टॉल करने के बाद, अब आप इसे अपने डिवाइस के ब्राउज़र से खोल सकते हैं। और अगर आपके पास फाइल ब्राउजर उपलब्ध नहीं है, तो आप ऐप में मौजुद फाइल ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक बार फाइलें खुल जाने के बाद, आप उन्हें नेविगेट कर सकते, उन्है ज़ूम और टेक्स्ट को कॉपी कर सकते हैं।

अगर आप क्लाउड स्टोरेज सेवाओ का इस्तेमाल करते है, यानि Google ड्राइव या ड्रॉपबॉक्स पर इनफाइलो को संग्रहीत करते है, तो आप उन्है अपने डिवाइस पर डाउनलोड करने के बजाए सीधे ऐप के माध्यम से खोल सकते हैं। इसके अलाबा आप उन्है अपने डिवाइस पर ईमेल के जरिए भी खोल सकते हैं, या किसी वेबसाइट पर उन्है एक्सेस करने के लिए वेब ब्राउजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट एज, गूगल क्रोम, ओपेरा, आदि।

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