ICSE ka full form क्या है? ‘भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र’ संक्षेप में ‘आईसीएसई’ भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद या सीआईएससीई द्वारा संचालित एक परीक्षा बोर्ड है, जो भारत में स्कूली शिक्षा को नियंत्रित करता है।

इसकी स्थापना 1986 में नई शिक्षा को लागू करने की सिफारिशों के बाद की गई थी। इस परीक्षा बोर्ड के द्बारा देश में सामान्य शिक्षा पाठ्यक्रम की परीक्षाएं अंग्रेजी माध्यम से कराने की नीति बनाई गई है।

आईसीएसई बोर्ड क्या है?

आईसीएसई भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र बोर्ड भारत में शिक्षा मानकों के क्षेत्र में एक प्रमुख और प्रसिद्ध नाम है।

ICSE भारतीय स्कूलों के लिए एक शैक्षिक बोर्ड के रूप में मान्यता प्राप्त है और बच्चों के बीच समावेशी शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

ICSE ka full form क्या है?

तो चलिए अब जानलेते है कि ICSE का फुल फॉर्म क्या है? दरसल यह एक abbreviation है जिसका पुरा नाम Indian Certificate of Secondary Education है।

जैसाकि आपको पहले भी कहा कि इसका गठन 1986 की शिक्षा नीति की सिफारिशों के साथ स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में अंग्रेजी माध्यम से परीक्षाए आयोजित करने के लिए किया गया था।

आपकी अधिक जानकारी के लिए बतादे की यह भारत में 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूली शिक्षा का एक निजी, एवम गैर-सरकारी बोर्ड है।

आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड के बीच क्या अंतर हैं?

आईसीएसई बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बीच प्रमुख अंतर उनके पाठ्यक्रम और मूल्यांकन पैटर्न में है।

जबकि सीबीएसई बोर्ड एक राष्ट्रीयकृत पाठ्यक्रम का पालन करता है जो मुख्य रूप से विज्ञान और गणित में रुचि रखने वाले छात्रों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, आईसीएसई बोर्ड एक अलग दृष्टिकोण और विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।

इसका पाठ्यक्रम मूल रूप से भाषा, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और कला जैसे विषयों के अधिक व्यापक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो छात्रों को विभिन्न विषयों के बारे में पर्याप्त ज्ञान विकसित करने में मदद करता है।

दूसरी ओर, सीबीएसई बोर्ड सैद्धांतिक ज्ञान पर जोर देने और अखिल भारतीय पाठ्यक्रम का पालन करने के लिए जाना जाता है।

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आईसीएसई बोर्ड की विशेषता

आईसीएसई बोर्ड की प्रमुख विशेषताएं निचे दिए गए कुछ इस प्रकार है:

आईसीएसई पाठ्यक्रम छात्रों के समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुये तैयार किया गया है।इस बोर्ड के द्बारा तैयार पाठ्यक्रम राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम सुची मे शामिल है।यह बोर्ड अपने व्यापक पाठ्यक्रम और सर्वोउत्कृष्ट विषय विकल्पों के लिए पतिष्ठित है।

यह साहित्य, कला विज्ञान से लेकर मानविकी, प्रबंधन जैसे और भी कई विषयो के साथ छोटि उम्र से ही विभिन्न कैरियर क्षेत्रों की शुरुआत करता है। इस बोर्ड का पाठ्यक्रम विशाल है और इसमें विश्वके लगवग हर विषयों को बारिकी से जगह दिया गया है।

व्यावहारिक शिक्षण और कक्षा शिक्षण इन दौनो को समान रुपसे स्हान दिया गया है।इसमे पूरे भारत में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा मे तय किया गया है।

हालाँकि, छात्राए चाहे तो अन्य कई तय सुधा भाषाओं मे से किसी भी किसी एक भाषा को अपनी सकेन्डरी भाषा के तौरपर चुन सकते हैं।

हलाकी, अन्य बोर्डों की तुलना में आईसीएसई बोर्ड में पढाई का स्तर अमुमन थोड़ी सि कठिन है जो छात्रों को आगे प्रतिद्बर्धी परीक्षाओं को पास करने में अधिकतर सक्षम बनाते है।

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आईसीएसई बोर्ड की मार्क्स सिसटम

इस बोर्ड के पास छात्रों के लिए कई सारे विषय विकल्प मौजुद हैं। बोर्ड प्रैक्टिकल ज्ञान के अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करता है।

यह ग्रेड और मार्क्स सिस्टम दोनों का समान रुपसे उपयोग करता है। बोर्ड ग्रेड और अंक दोनों तरीकों से छात्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है और दोनों ही प्रारूप में परिणाम का घोषित करता है।

आईसीएसई बोर्ड के सिलेबस में क्या है?

इसका पाठ्यक्रम विभिन्न विषयों को शामिल करता है और कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों के लिए उपलब्ध है। प्रत्येक कक्षा के लिए, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भाषाएँ (भारतीय और विदेशी), और अन्य विषय भी शामिल हैं।

आईसीएसई पाठ्यक्रम का एक फायदा यह है कि यह अधिक व्यापक है और वास्तविक दुनिया की शिक्षा से भरपूर है। इसमें सभी विषयों को समान महत्व दिया गया है।

यह उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो विभिन्न क्षेत्रों में सफल करियर बनाने के इच्छुक हैं। जैसे कि प्रबंधन या मानविकी, साथ ही वे जो चुनौतीपूर्ण और पुरस्कृत शिक्षा की तलाश में हैं।

यह भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की तरह एक व्यावहारिक पाठ्यक्रम तैयार करता है। इस व्यावहारिक पाठ्यक्रम में, छात्रों को अपने स्कूल की प्रयोगशालाओं में कुछ प्रयोग करने होते हैं।

ध्यान दें कि पाठ्यक्रम हर साल थोड़ा बदल सकता है, इसलिए सलाह दी जाती है कि सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों का संदर्भ लें या सीधे आईसीएसई बोर्ड से संपर्क करें।

आईसीएसई बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली

यह हर साल 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करता है। मूल रूप से, यह पाठ्यक्रम में शामिल विषयों के व्यक्तिगत ज्ञान और समझ का आकलन करता है। परीक्षा पैटर्न में विषय के आधार पर सिद्धांत और व्यावहारिक दोनों घटक शामिल होते हैं।

छात्रों की क्षमता के मूल्यांकन के संदर्भ में, यह बोर्ड छात्र की क्षमताओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक ग्रेडिंग पैटर्न का पालन करता है।

इसमें स्कूलों द्वारा आयोजित आंतरिक मूल्यांकन और बोर्ड द्वारा आयोजित बाहरी परीक्षाएं दोनों शामिल हैं। ग्रेडिंग पैटर्न या प्रणाली छात्रों की क्षमताओं का व्यापक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके ज्ञान की गहराई और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए निहित है।

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आईसीएसई बोर्ड के नुकसान

यहां आईसीएसई बोर्ड की कुछ कमियां दी गई हैं जो इस प्रकार हैं:

1. विशाल पाठ्यक्रम: इसकी पाठ्यक्रम विशाल है, जिसमें छात्रों को सभी विषयों को समानन्तर फोकस के साथ अध्ययन करना होता है। इसका पाठ्यक्रम तथ्यात्मक रुप से तैयार किया गया है, जिसका सीधा सीधा माएने होता है कि अगरछात्रों को अच्छा रेजल्ट प्राप्त करना है तो उन्है तथ्यों का अघिक से अधिक अध्ययन करने कि जरुरत होंगे।

2. प्राइवेट ट्यूटर्स मे कमी: semi-urban क्षेत्र में शिक्षकों की कमी के चलते, इस बोर्ड के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्राइवेट ट्यूशन या उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता थोड़ीसी जटिल होता है।

3, पढ़ाई पर ज्यादा दबाव: आईसीएसई बोर्ड में छात्र को आपनी पढ़ाई पुरी करने के लिए औसतन अधिक वोझ उठाना परता है। जबकि सीबीएसई बोर्ड के छात्रो के लिए पढ़ाई की बोझ तुलनात्मक रुप से काफी कम महसूस हो सकता है।

4. कठिन ग्रेडिंग प्रणाली: भले ही आईसीएसई पाठ्यक्रम छात्रों को अधिक बेहतर समझने का मौका देता, लेकिन जटिल ग्रेडिंग प्रणाली के चलते कभी कभी marks मे कमिया हो सकती है जिसके कारण आगे चलके कॉलेज में प्रवेश लेपाना कठिन हो सकता है।

आईसीएसई या सीबीएसई कौन सा बेहतर है?

आईसीएसई या सीबीएसई कौन सा बेहतर है, इसका सीधा जबाव देना मुशकिल है।दोनो ही बोर्ड आपने पाठ्यक्रम के लिए अनुठै माने जाते है। दोनो ही बोर्ड बच्चो के बेहतर भविष्य को मध्य नजर पाठ्यक्रमो को तैयार किया गया है।

आपको एक बात ध्यान मे रखने कि जरुरत है कि सिर्फ एक बोर्ड ही आपकी बच्चे की भविष्य तय करता है ऐसा सौचना गलत होगा।

आपकी जानकारी के लिए वता दे कि भारत हो या दुनिया भर मे चाहे वह सरकारी संस्था हो या गैरसरकारी कही भी उम्मीदवारी के लिए किसी खास बोर्ड की आवश्यकता नही है।

UPSE परीक्षा हो चाहे SSC परीक्षा आईसीएसई हो या सीबीएसई बोर्ड कोई माएने नही रखता। बच्चो के लिए जो चाहिए होता वह है पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना जहा अभीबावको की भी एक खास भुमिका होती है।

इसीलिए एक बोर्ड चुनने से अधिक जरुरी है सही स्कूल का चुनना जहा सही शिक्षा का वाताबरण और जहा छात्राए आपने विकास के लिए शिक्षकों की सक्रियता और निर्णायक भूमिका का लाभ उठा सके।

Conclusion

उम्मीद है कि ICSE बोर्ड क्या है? ICSE ka full form क्या है? हमारे द्बारा लिंखि गई यह लेख आपके लिए काफी मददगार रहा। इस लेख मे हमने ICSE बोर्ड के बारे उन सभी चिजो को आपके सामने प्रस्तुत करने की कोशिश जिन बातो को आपके लिए जानना जरुरी हे।

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FAQs


Q). आईसीएसई ग्रेडिंग सिस्टम कैसे काम करता है?

A). इस ग्रेडिंग सिस्टम के अनुसार, ICSE कक्षा 10 परीक्षा में छात्रों को 1 से 9 तक के ग्रेड दिए जाते हैं। छात्रों को कम से कम पांच विषयों में पास मार्क्स प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को पास प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसमें अंग्रेजी विषय शामिल होना चाहिए।

ICSE परीक्षा में ग्रेडिंग सिस्टम द्वारा विभाजित होता है, जिसमें 1 सबसे ऊचा और 9 सबसे निम्न होता है। ग्रेड 1 और 2 उत्कृष्ट को दर्शाते हैं, ग्रेड 3, 4 और 5 पास को दर्शाते हैं, 6 और 7 पास को दर्शाते हैं और 8 और उससे ऊपर असफल को दर्शाते हैं।

सामाजिक उपयोगी उत्पादक कार्य और समुदाय सेवा को ग्रेड A, B, C, D या E द्वारा परिणाम पत्रों पर दिखाया जाएगा। जहां ग्रेड A सबसे ऊचा और E सबसे निम्न होता है। A, B, C या D पास को दर्शाते हैं और E असफल को दर्शाता है।

Q). क्या आईसीएसई बोर्ड सभी देशों में स्वीकार किया जाता है?

A). हां, आईसीएसई बोर्ड दुनिया भर में स्वीकार किया जाता है। आईसीएसई बोर्ड एक प्रसिद्ध माध्यमिक शैक्षिक बोर्ड है जो मूल रूप से भारतीय छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करता है। आईसीएसई बोर्ड के अलावा अन्य देशों में भी अलग-अलग शैक्षणिक बोर्ड हैं जो अपनी शैक्षणिक प्रणाली के अनुसार परीक्षाएं आयोजित करते हैं।

Q). आईसीएसई राज्य बोर्डों से कैसे भिन्न है?

A). आईसीएसई बोर्ड अन्य क्षेत्रीय बोर्डों से थोड़ा अलग है क्योंकि यह एक राष्ट्रीय स्तर का शैक्षिक बोर्ड है जो भारतीय छात्रों के लिए उच्च माध्यमिक परीक्षा आयोजित करता है। आईसीएसई बोर्ड के अलावा, राज्य बोर्डों का मुख्य उद्देश्य अपने-अपने राज्यों में शैक्षिक प्रणाली का संचालन करना और छात्रों को उनके राज्य आधारित परीक्षा पैटर्न के लिए तैयार करना है।

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